स्वामी चिन्मयानंद ने जेल में पहली रात करवटें बदलकर कर काटी। कभी वे बैरक की छत निहारते रहे तो कभी दीवारें। अगल-बगल लेटे अन्य बंदियों के खर्राटों ने स्वामी को काफी बेचैन किया। बैरक में पंखे तो चल रहे...from Live Hindustan Rss feedhttps://https://ift.tt/2OfZq22
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