अकेले हैं, तो क्या गम है। यह बात सिर्फ फिल्मों या डायलॉगबाजी तक ही सीमित नहीं है बल्कि इसका वैज्ञानिक पहलू भी है। ऐसे में जरुरत है, तो सिर्फ नजरिया बदलने की। आप अगर इसे पॉजिटिव तौर पर सोचें, तो किसी...from Live Hindustan Rss feedhttps://https://ift.tt/31La7hL
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