दुनिया की तमाम जमा-घटा, गुणा-भाग के बाद प्रेम ही बचा रह जाता है। प्रेम खुशी है। प्यार की धूप-छांव में ही हम खिलते हैं और हमारे अपने खिलखिलाते हैं। फिर प्यार हर जगह है। जहां आप हैं, वहां प्यार है। आप...from Live Hindustan Rss feedhttps://https://ift.tt/3brbFC3
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