तीन दिन पहले ही कमरे पर राशन खत्म हो गया था। जेब में एक रुपये भी नहीं बचा है। बाहर निकलने पर किसी तरह मुश्किल से एक समय का भोजन मिल पा रहा था। जब लगा कि यहां जिंदा नहीं बचेंगे तो पैदल ही घर को निकल...from Live Hindustan Rss feedhttps://https://ift.tt/2y8vpeG
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