कोरोना-काल की वेदना और उस पर प्रसव वेदना, शब्दों में समेटना बेहद मुश्किल है। असहनीय दर्द से निकलती चीखें अस्पताल के ठीक सामने की सड़क का सन्नाटा तो तोड़ पाई मगर जिम्मेदारों का जमीर नहीं जगा पाईं।...from Live Hindustan Rss feedhttps://https://ift.tt/2LrWRY9
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