Tuesday, 17 March 2020

फांसी के दो घंटे बाद भी जिंदा था खूंखार रंगा?

फांस से पहले अकसर कैदियों की हालत खराब होने लगती है। रंगा बिल्ला के मामले में रंगा को ज्यादा खूंखार माना जाता था। यह देखा गया कि उसे फांसी की भी चिंता नहीं थी। फांसी के दो घंटे के बाद भी उसकी नाड़ी में हरकत थी। जबकि बिल्ली हमेशा रोता रहता था और फांसी के वक्त भी रो रहा था।

from The Navbharattimeshttps://navbharattimes.indiatimes.com/india/nirbhaya-convicts-to-hang-in-tihar-story-of-ranga-billa-hanging/articleshow/74664698.cms

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